चीन द्वारा उइगर मुसलमानों को हिरासत में लिए जाने की विश्व भर में हो रही है आलोचना
चीन की ख्याति पूरे विश्व में एक ऐसे देश के रूप में बन चुकी है जिस पर कोई यकीन नहीं करना चाहता। क्योंकि चीन एक ऐसा देश है वह किसी भी देश को कब धोखा दे दे यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। चीन किसी धोखे बाजी वाली नीति के कारण विश्व के देश उस पर विश्वास कम करते हैं। मगर चीन ने अब तक कभी भी अपनी नीति में बदलाव नहीं किया है। एक तरफ वाह पाकिस्तान जैसे मुस्लिम देश को कर्ज देकर उस पर अपना प्रभाव जमा रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ वह अल्पसंख्याक उइगर मुसलमानों को हिरासत शिविरों में रखकर पूर्वी अलगाववादी तुर्किस्तान इस्लामिक संगठन के हमलों से बचने का प्रयास कर रहा है।
विश्व भर के देशों ने किया चीन का विरोध
दरअसल पूर्वी अलगाववादी तुर्किस्तान इस्लामिक संगठन के हमलों से बचने के लिए चीन ने एक नया तरीका अपनाया है। उसने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से सटे हुए शिंजियांग प्रांत में हिरासत शिविरों में चीन में रह रहे अल्पसंख्यक उइगर मुसलमानों को रखा है। जिसका ब्रिटेन और जापान सहित 22 देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर विरोध किया है। चीन के विरोध में खड़े इन 22 देशों ने चीन द्वारा इन अल्पसंख्यक मुसलमानों को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया है। वहीं चीन ने यह तर्क दिया है कि वह इन मुसलमानों को शिविरों में रखकर उन्हें कट्टरपंथ की शाखा से जुड़ने से बचाने का प्रयास कर रहा है।
चीन की रही है दोहरी नीति
चीन हमेशा अपने पड़ोसी देशों के लिए दो मुंहे सांप जैसा काम करता रहा है। एक तरफ वाह पाकिस्तान जैसे इस्लामिक देश को खूब आर्थिक सहायता प्रदान करता है और अब वह पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में भी हस्तक्षेप करने लगा है। वहीं दूसरी तरफ वह अपने देश के अंदर मुसलमानों को काफी दबा कर रखता है। वहां पर मुसलमान किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि चीन की सरकार की आज्ञा के बिना नहीं कर सकते।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



